वह मेरा संसार नहीं है ।
जहाँ हँसे बिन दिन ढल जाए ।
रात आँसुओं में गल जाए ।
टूट गिरें तारे यह कहकर,
नील गगन में प्यार नहीं है । वह मेरा… read more >>
अब मैं भी कुछ कहना चाहती हूं अपने अंतर्मन की ,
अपने भावनाओं की ,
अपनी उलझनों की ,
अपनी परेशानियों को ,
अपनी दुविधा को ,
हर पल हर समय,
मन मे� read more >>
गम से वाकिफ़,खुशी से अनजान हूँ !
जी रहा हूँ जिन्दगी से अनजान हूँ !!
ये गम है तो हम है
खुशी कि खुशी से
निकलेगा दम है
गम के सांये में जिन्द� read more >>
भूल जाओ बीत गई बातें
बीत जाते हैं जैसे दिन और रातें ,
बहुत मुश्किल है ,
पुरानी बातों को भूलना ,
दर्द से भरे उन दिन रातों को भूलना,
कुछ एह� read more >>