आखिर वहां जाकर क्या कहोगे ,,,,,,
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हर इक सामान लौटाना पड़ेगा,
यहीं सब छोड़ कर जाना पड़ेगा,
यहाँ झूठी गवाही लाख � read more >>
मन में बसा है ,
मन में बसा है, हर एक के मन में बसा है वो भगवान
जो सब में छिपा हुआ है वो मनोबल पर किसी को नजर नहीं आता।
किस कलियुग में जी रह� read more >>
( नज़र )
आज फिर आसमां में एक चांद खिला |
चांदनी में तन यह बतर हो गया ||
उसने शरमा के पलकें जो फेरी यहाँ|
बाग-बाग यह मेरा मन हो गया||
मेरे � read more >>