संसार की माया मिथ्या, झूठ का ना मोल ।
अब ग्यान पटल खोल माँ, ग्यान पटल खोल ।।
अवगुण भरे हैं इस तन में, अब गुण की भाषा बोल ।
अब ग्यान पटल खोल � read more >>
मुझसे मेरा मन कहता है.....
मुझसे मेरा मन कहता है ,
तू क्यों इतना उदास होता है...!
तुझे मिली एक शम्मा थी ,
जला के देखा तो ,
जला के बुझी थी
रह गय read more >>
# गम-ए - जिंदगी के लम्हें.....
गम-ए-जिंदगी के लम्हें ,
आज लेने दो मुझे कहने
फिर नसीब मिले ना मिले ,
कौन जाने तुमसे मिलने...!
आ...बैठ नजदीक मेरे ,
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