कदमों मेरे छालै
"जख्म दिल" के नहीं
दिखाने वाले
ये "दर्द "मेरा मुकद्दर.......तु क्या..........?
नाम तेरा.... मेरे लब्जो मे... रहे ....
ये.....
नाम..... read more >>
दुनियाँ ये चाहे,
जाने न जाने
हम को तेरी दीवानगी से
अब नहीं उभरना है !
.........
नशा तेरी मुहब्बत का ही करना है !
.........
रहके तेरा दिवाने ,
ह� read more >>