बड़ी बहन
पापाजी तेज ऊंचे स्वर में।
अनीश भागता हुआ आता है, और
सवाल करता है...
क्या बात है पापाजी?
पापाजी- आप को पता नहीं है, आज आप की बड़ी ब� read more >>
गर्मियो के दिन थे शाम को करीब 4 बजे घर से बाहर खेलने के लिए निकला तभी मेरी नजर थोड़ी दूर एक पेड के नीचे खेलते पपी पर पड़ी मै उसे देखता रहा � read more >>
वह हसीन शाम आज भी मेरे जेहन में उतर जाती है और अपनी रसमयी ताजगी से मुझे तरोताजा करती रहती है। ठीक से तारीख तो याद नहीं है लेकिन उस हसीन श� read more >>
पड़ोसी धर्म....
नमस्ते राजूभाई... सुबह की सैर करने के बाद घर लौट रहे अपनी गली के एक रहने वाले राजूभाई को झाड़ू लगाती हुई सुधा ने कहा ...
नमस� read more >>
जीवन का खेल
"निशा बिटिया, जल्दी कर, देर हो रही है। आज दूर जाना है बिटिया, वहां आज ज्यादा कमाई की आस है।"
"हां बापू, आ रही हूं। रस्सी, डंडा, � read more >>