*संजना - एक अनोखी दास्तान,*
"कहाँ जा रही है, संजना बहू... ?" बाईक की चाबी उठाती हुई संजना से सास ने पूछा...
"माँ की तरफ जा रही थी मम्मी"
"अभी तरस� read more >>
बैल और किसान...
हल खींचते समय यदि कोई बैल गोबर या मूत्र करने की स्थिति में होता था तो किसान कुछ देर के लिए हल चलाना बन्द करके बैल के मल - म� read more >>
मानवता का अप्रतिम उदाहरण...
कल बाज़ार में फल खरीदने गया, तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था, उस पर मोटे अक्षरों read more >>
बचपन
"अब साफ़ आया?
नहीं झर झर आ रहा है...
थोड़ा सा और टेढ़ा कर
हाँ हाँ अब ठीक है
आजा अब नीचे...."
हर घर की छत की "एंटीने वाली कहानी" है ये
सारे HD च� read more >>
*अनोखा मिलन*
शरारत की भी सीमा होती है...
पता नहीं कोई हया लिहाज नहीं है इनमें...
तीन वर्षीय अनीश को गोद में उठाए सीमा बड़बड़ाती हुई बालकनी स read more >>