(मुक्तक छंद)
मेहबूब सनम तेरी कसम दीदार हुआ है जब से।
मेरी नींद गई मेरा चैन गया प्यार हुआ तब से।
सीने में छुपा के रखा हूं तुझको तो मैं ओ य� read more >>
रहस्य जंगल का किसी को मालूम नहीं..!
निकलना मुश्किल पड़ जाए ,
गुम हो जाए अगर कहीं...!!
रहस्य जंगल का किसी को मालूम नहीं..!
खतरनाक जानवरों से � read more >>