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वो दिन भी अच्छे थे दोस्तों .... दिल क्या मन भी सच्चे थे दोस्तों ....! रुसवाईयों के डर से हम ... रू-ब-रू मिले ना मिले ....! यादों का सिलसिले , अभी जा read more >>
Ek pari thi Asma uska aashiyana tha Suraj si sunahari dhup Chand sa najarana tha Per afsos ki yah kuchh din ka thikana tha Pari es baat se anjaan thi Ma ki ladli papa ki shan thi Pure Ghar me khushiyan bikherti thi gam me bhi muskurati thi Papa ki gurur hai batati thi Ek din Asma chhod Jana hua Rit hai yah bahana hua Kal tak jo sach tha read more >>
काँच ना बन रे मानव चोट खाय चटकाए। बनना है तो पाषाण बन तराशे मुर्ति बन जाये ।। आपस में टकरात जो, चिनगारी छुट जात । ओर लागत जो ठोकर, इ read more >>
एक आजाद पंछी कैद में रहता है अब..... कभी साखो पर गुनगुनाया करता था गीत बहुत बेचारा चुप ही रहता है अब..... घुमा करता था सारी दुनिया जो कभी बो � read more >>
माँ की ममता माँ... घर पहुँचते ही बेशक माँ से...       कुछ काम ना हो लेकिन... हमारा पहला सवाल यही... होता है माँ किधर है और...         माँ के दिखाई द read more >>
लगा के तन मन कर रही कीर्तन - टहनी - टहनी पे नाच कर ; जग - जीवन में विहंगिनी महान , राग - अनुराग में लिप्त , भागी तिमिर - चमक उठी नील गगन - पुलकि� read more >>
तुम्हें समेटे मन में अपने करते हर क्षण याद तुम्हें तुम वर्षा से, कभी धूप से छुपते हो इस नील गगन में। आओ जीवन में सुनहरी धूप से रुको हव� read more >>
कह रहा है मौन मेरा है यही आगाज कितने पन्नों पर मिटेगा विकल हदय का साथ। हो तरंगित तरल से मिट जाएगा हास कब तलक यूं बैठकर गाएंगे ऐ राग । read more >>
कविता = ( कामना ) कामनाओं के हो गए सारे ग़ुलाम ! कामनाओं ने ले लिया ग़रज़ का नाम !! मन घोड़े पर कामना सवार ! मन घोड़े की पकड़ी लगाम !! पेट दिया त read more >>
इच्छाएं बेअंत है,काबू में रख यार। बेहिसाब रख प्यार को, सुख मय हो परिवार।। इच्छाएं बेअंत है, परम् जरूरी आप। मैं चाहूं जग का भला, करूं मं read more >>
जलने लगे अलाव अब,ठंढ़ी चारों ओर। थड़थड़ हैं तन कांपते, बंधे नहीं है कौर।। जलने लगे अलाव अब,अमृत तुल्य है आग। बिना आग के जल नहीं,गाते सब read more >>
सुख दुख हैं मेहमान जी,स्वागत करना काम। दो ही पहलू सत्य है,कभी सुबह तो शाम।। सुख दुख हैं मेहमान जी, सही सिखाते मर्म। सुख में भी प्रभु मै read more >>
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