सागर सा गहरा ,नदिया सा बहता, झरनों की झर- झर, पानी की कल- कल ,पर्वत सा ऊंचा ,बारिश की रिमझिम ,तारों की टीम -टीम ,फूलों का रंग जो ,
तितली सी चंच� read more >>
गमों के दौर यूं ही आते रहेंगे ।अपने पराए ऐसे ही होते रहेंगे ,
उन पराए जैसे अपनों के लिए कभी आंसू बहाना मत ,
उन आंसुओं को रोक के एक अपने अस� read more >>
एक शाम, खाली सी एक शाम,
जब अंधेरा छाया, मन में छाए उदासी का रंग।
रात के संग, सन्नाटे में ढूंढे,
कुछ सहारा, कुछ रोशनी, कुछ अपने सपनों के रंग read more >>