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मुट्ठी में है आसमान, निगाहों में है जीत, भारत की बेटियाँ लिखेंगी फिर एक नई प्रीत। मैदान में गूंजेगा नाम, “इंडिया! इंडिया!” का, हर चौका ब� read more >>
अकेले खड़े होने का साहस रखो, चाहे सारी दुनिया विरोध में क्यों न हो। सच की राह कठिन सही, पर उजली होती है, डर की हर दीवार वहीं ढह जाती है, जह read more >>
अभी सफ़र अधूरा है, अभी संकल्प ना पूरा है। अभी ना थको ना रुको तुम, अभी मौका सुनहरा है। अभी और आगे जाना है, अभी और मेहनत करना है। अभी ना � read more >>
अभी तो सिर्फ चलना सीखा है हमने, अभी पूरी उड़ान बाकी है। अभी तो सिर्फ जमीन नापी है हमने, अभी पूरा आसमान बाकी है। ये जमाना कब तक रोकेगा � read more >>
#योग_हुआ वो दिन था जैसे सहर नई, मन में उजला संयोग हुआ। सदियों का तप थम गया वहीं — जब नयन मिला, योग हुआ। तेरी हँसी, मौन का कोई राग बनी, जो � read more >>
गाँव की चौपालों में, पीपल की छाँव तले, मास्टर जी ज्ञान की बूँदें, बच्चों पर बरसाते। टाट-पट्टी पर बैठकर, शब्दों की नदियाँ बहतीं, गुरु के � read more >>
हिंदी है दिल की जुबां, हिंदी है जन-गान। भारत माँ की वाणी है, इसका ऊँचा मान।। माटी की खुशबू लिए, बोले हर इंसान। गंगा-जमुनी संस्कृति की, ह� read more >>
कभी संग बैठते थे चौपाल पे सब यार, हँसी बाँटते थे मिल-जुलकर बार-बार। राम की कथा सुनते थे सब यहाँ, औली में गूँजता था अल्लाह जहाँ। आज क्यो� read more >>
कलम न झुकेगी सत्ता के आगे, न बिकेगी दौलत के साए में। सच लिखना ही उसका व्रत है, वो जलेगी समाज की ज्वालाओं में। शब्द नहीं हैं बाजार का मा� read more >>
माटी बोले, सूरज हँसे, पवन सुने हर राग। इस धरती के आँचल में, छिपा है अनुपम भाग। हर बूँद यहाँ पर अमृत है, हर आँसू में एक गीत। जो झुका तिरं� read more >>
कभी-कभी सोचता हूं एकांत में, मैं अगर जवान ना होता तो क्या होता? मैं भी बाबू बन बैठा होता किसी दफ्तर में, यू वीरान सुनसान जगहो में परेशा� read more >>
बार-बार चुनाव का शोर, कभी यहाँ, कभी वहाँ मतदाता की कतार, कभी लोकसभा, कभी विधान सभा, कभी पंचायत, कभी नगर-पार, हर बार घोषणा पत्र, हर बार नारा, � read more >>
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