जो बीत गया, वह सपना था,
जो आने वाला है, वह कल्पना है।
पर जो पल अभी तेरे संग है,
वही तेरी असली साधना है।
भविष्य की चिंता में उलझकर,
कई लोग आ read more >>
माँ की ख़ुशी कोई बाज़ार की चीज़ नहीं,
वो तो दिल के किसी कोने में रखी परछाई है,
जिसे छूना तो आसान नहीं,
पर महसूस हर सांस में की जाती है।
स� read more >>
आज का युग अजीब सवाल पूछता है,
बेटा कहता है — “आपने मेरे लिए क्या किया?”
और माँ-बाप चुप हो जाते हैं,
क्योंकि उनका उत्तर शब्दों में नहीं,
ब� read more >>
" जुगनुओं ने शराब पी ली है.."
(✍️तीखा व्यंग्य - के. भारद्वाज)
जुगनुओं ने शराब पी ली है,
अब ये सूरज को गाली देंगे,
दो घूंट सत्ता की, तीन झूठ ता read more >>
"✍️निर्णय और समय - के.भारद्वाज"
कल जो निर्णय था -
वह तब सही था,
भले ही आज
उसके मायने बदल गए हों।
आज जो ठाना है मन ने,
वह अब सही है,
भविष्य म� read more >>