क्या यह सच है
जो अपने होते हैं....!!
उन्हें ही कुछ भी बोल देना है....!!
अक्सर कुछ लोग दर्द देने के
बाद कहते हैं तुम अपने थें
इसलिए तुम्हें बो� read more >>
सफलता न रूप की भूखी है,
न ही किसी वंश की दासी है।
वह तो केवल पसीने की दीवानी,
मेहनत की सच्ची प्यासी है।
चेहरे की चमक कब तक रहेगी,
समय तो � read more >>