मी न माझी राहीले !!
सुखात ही दुःख मी पाहीले.
सूखाचे क्षण सारे सरले!!
अश्रू आता फक्त उरले…
होते नव्हते सारे गेले
सखे सोबती परके झाले&hel read more >>
दुनिया में, मरण समझदार का।
समझदार समझ से, समझ समझके समझ जाता है।
अरे, वह तो नकटा है,वह नकटाई से ही सुलझ जाता है।
अरे, तू तो समझदार है, वह स� read more >>
हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>