वह मुझको देखती है,
अखियों के झरोखों से...
जुबा खामोश रहती है,
उसकी नजरें बस बोलती है।
वह मुझको देखती है,
अखियों के झरोखों से...
मुझको ही य� read more >>
आंधी सा आया वो दिन, जब बारिश गिराई रात को, ना जाने कहाँ से आये वो, हमारी बेदर्दी को दर्द देने। साये में छिपा हुआ दरिंदा, निगाहों में बसी न� read more >>
तुम ऐसे गए ,घर वीरान कर गए,
वेदना का स्वरूप चौगुना कर गए,
जानती हूं फिर याद आओगे तुम हर बात में हमें,
वो बीते दिन और जीवन भर की यादें,
पर जो read more >>