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सलाह-पैसे वालों से रिश्ता न रखकर हितेषी से रिश्ता रखना
पैसे वालों से रिश्ता न रखकर हितेषी से रिश्ता रखना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि हितेषी कम पैसे में भी आपकी मदद कर सकता है मगर पैसे वाला �
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प्रतिभा मोहताज नहीं होता- दुनिया उसे ढूंढ़ ही लेती है
"प्रतिभा मोहताज नहीं होता, दुनिया उसे ढूंढ़ ही लेती है!" -मोती
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पसीने को माथे लगाया जिसने- भाग्य क्या
"पसीने को- माथे लगाया जिसने!" भाग्य क्या- मुक़द्दर लिखा उसने!!" -मोती
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कर भरो करम काम- करो पूरा हर सपना साधो
कर भरो करम-काम, करनी करे हर काम,, करो पूरा हर सपना-साधो, राह पड़ा मंज़िल-साधो।। -मोती
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माटी कहती कब से यह कहानी-सांस रुके सुंदर काया होगी माटी
माटी कहती- कब से यह कहानी, सांस रुके- सुंदर काया होगी माटी,, जीवन की घड़ी- हरेक सांस में बंधी, पढ़ो तो- जिंद़गी को मिलेगी मंज़िल।। -मो�
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सबसे शक्तिशाली सांसों में आता-जाता और मैं चल-चलता
"मैं राही अनाड़ी- समझता था अकेला, ही जीवन डगर चल-चलता!" "अब जाना सबसे- शक्तिशाली सांसों में, आता-जाता और मैं चल-चलता!!" -मोती
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महसूस किया है जब से-जीवन का स्रोत ख़ुद में
महसूस किया है जब से दिल में, तुम ही हो जीवन का स्रोत ख़ुद में,, यह जगत तुम से ही विकसित है, अंतोगत्वा तुझ में ही समाहित है।। -मोती
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बचपन-हमें अपना बचपन नहीं खोना चाहिए
हम बड़े हो गए तो क्या हमें अपना बचपन नहीं खोना चाहिए कभी कभी जी करता है कि हम आज भी पहले जैसा टेंशन फ्री होकर मस्तियां करे और कुछ पल �
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हक़ीक़त से रूबरू हुआ- असली राह पर चल के जीवन को दिखा
"हक़ीक़त से रूबरू- हुआ जीवन को देखा" "असली राह पर- चल के जीवन को देखा।।" "प्रयोजन ये कुदरत का- ख़ुद में ठौर-ठिकाना देखा" "जन्म से मृत्यु �
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दूर जाना चाहता है-तो उसे छोड़ देना
कोई आपसे दूर जाना चाहता हो आपको छोड़ कर तो उसे छोड़ देना उसके पीछे भागोगे तो ज्यादा कष्ट आपको होगा उसका कुछ नहीं जाएगा धन्यव
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कर्मयुद्ध-अभी भी जान बाकी है,थोड़ी- सी फिर से रण भूमि में उतरेंगें
"कर्मयुद्ध" "अभी भी जान बाकी है,थोड़ी- सी फिर से रण भूमि में उतरेंगें, युद्ध का आगाज करेगें,ललकारेगें दुश्मन को लहू-लुहान करेंगे, बस इस
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वो फूल ही क्या-जो अपनी खुशबु ना बिखेरे
वो फूल ही क्या जो अपनी खुशबु ना बिखेरे वो प्यार ही क्या जो अपनी मोहब्बत का इजहार ना कर सके धन्यवाद
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