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दिल्लगी की-चोट तो हमने खाई है
चोट तो हमने खाई है दिल्लगी की उनको क्या खबर है कितना दर्द इसमें होती है धन्यवाद
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भूल से याद आ गई-प्यार भरे लम्हें
माना तू मुझे भूल गया लेकिन फिर भी कभी भूले से याद आ गई तो अपने यादों से ऐसे मत निकाल फेंकना जैसे हम कभी बिताए ही नहीं प्यार भरे लम्हें
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दगा दे गया- हमें पता ही ना चला
हम जिसके साथ वफा निभाते गए हमें पता ही ना चला वो कब दगा देकर चले गए धन्यवाद
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लिबाज-ये लिबाज नहीं है तुम्हारा परछाई है
"लिबाज" "ये लिबाज नहीं है,तुम्हारा परछाई है,तुम्हारे प्यार के धोखे की" #Mukesh Namdev
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सलाह-पैसे वालों से रिश्ता न रखकर हितेषी से रिश्ता रखना
पैसे वालों से रिश्ता न रखकर हितेषी से रिश्ता रखना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि हितेषी कम पैसे में भी आपकी मदद कर सकता है मगर पैसे वाला �
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प्रतिभा मोहताज नहीं होता- दुनिया उसे ढूंढ़ ही लेती है
"प्रतिभा मोहताज नहीं होता, दुनिया उसे ढूंढ़ ही लेती है!" -मोती
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पसीने को माथे लगाया जिसने- भाग्य क्या
"पसीने को- माथे लगाया जिसने!" भाग्य क्या- मुक़द्दर लिखा उसने!!" -मोती
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कर भरो करम काम- करो पूरा हर सपना साधो
कर भरो करम-काम, करनी करे हर काम,, करो पूरा हर सपना-साधो, राह पड़ा मंज़िल-साधो।। -मोती
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माटी कहती कब से यह कहानी-सांस रुके सुंदर काया होगी माटी
माटी कहती- कब से यह कहानी, सांस रुके- सुंदर काया होगी माटी,, जीवन की घड़ी- हरेक सांस में बंधी, पढ़ो तो- जिंद़गी को मिलेगी मंज़िल।। -मो�
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सबसे शक्तिशाली सांसों में आता-जाता और मैं चल-चलता
"मैं राही अनाड़ी- समझता था अकेला, ही जीवन डगर चल-चलता!" "अब जाना सबसे- शक्तिशाली सांसों में, आता-जाता और मैं चल-चलता!!" -मोती
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महसूस किया है जब से-जीवन का स्रोत ख़ुद में
महसूस किया है जब से दिल में, तुम ही हो जीवन का स्रोत ख़ुद में,, यह जगत तुम से ही विकसित है, अंतोगत्वा तुझ में ही समाहित है।। -मोती
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बचपन-हमें अपना बचपन नहीं खोना चाहिए
हम बड़े हो गए तो क्या हमें अपना बचपन नहीं खोना चाहिए कभी कभी जी करता है कि हम आज भी पहले जैसा टेंशन फ्री होकर मस्तियां करे और कुछ पल �
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