तुम तो बहुत बेवफ़ा निकले ,
मेरी जिंदगी से ख़फ़ा निकले ,
तुम्हें याद करके दिन _ रात सनम____
आंसू मेरे कई दफ़ा निकले
।
शिव किशोर ,शाहजहांपुर read more >>
"ना तू-तू है, ना मैं-मैं हूं-
रथी तक रथ है बर्ना अर्थी है"!
हांकता रथ एक रथी, उतर जाएगा रथी।
हो जाएगा रथ खाली, अर्थी कहलाएगा।।
"ना तू-तू है, � read more >>