"ना तू-तू है, ना मैं-मैं हूं-
रथी तक रथ है बर्ना अर्थी है"!
हांकता रथ एक रथी, उतर जाएगा रथी।
हो जाएगा रथ खाली, अर्थी कहलाएगा।।
"ना तू-तू है, � read more >>
"खोई सी-
भागती-दौड़ती,
ज़िंदगी में यह व़क्त की"!
"नज़ाकत है जनाब-
मैंने मंज़िल को पाने,
का वादा ख़ुद से किया है"!!
"और इरादा भी है तो,
कश्� read more >>
कुछ देर तो बैठो मेरे पास कहने को कुछ भी नहीं है पर कुछ तो बोलो मेरे साथ सुनो कुछ ऐसा बोलो जिससे मन का दर्द भी कम हो जाए शब्दों के घाव भी मि read more >>