[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
शायरी
Home
Category
शायरी
दिल का मकान खाली है
दिल का मकान खाली है इश्तेहार दे दो ,जो दिल में रहने आए उसे प्यार दे दो , मुझे नहीं जरूरत अब तुम्हारे दिली मकान की___ तुम चाहें जैसा उसमें कि
read more >>
महोब्बत एक सरुर हैं
महोब्बत एक सरुर हैं, जो चढ़ जाये किसी को, उतरता नहीं हैं, मिल जाये दिलदार और कुछ चाहिये नहीं हैं।
read more >>
गमों की कोई परवाह नहीं करते
महोब्बत करने वाले सूरत देखा नहीं करते, करते हैं प्यार मन से, कमी कोई निकाला नही करते, लुटा देते हैं खुशियाँ एक दूसरे पर, गमों की कोई प�
read more >>
मन को रखो सुंदर
बाणी हो कोयल जैसी, रंग हो चाहे कैसा भी, मन को रखो सुंदर, तन हो चाहे काला भी।
read more >>
तेरी अदाओं ने मारा कान्हा
तेरी अदाओं ने मारा कान्हा, राधा दिवानी, मीरा को पागल कर डाला।
read more >>
मेरी जिंदगी का सहारा हैं तू मैया
मेरी जिंदगी का सहारा हो तुम मैया, तुम्नहे ही संभाला है, तुम्हने ही पार लगाई है पार नैया।
read more >>
कृष्ण मेरे प्यारे-मेरे मन को सुहावे
कृष्ण मेरे प्यारे , मेरे मन को सुहावे, लगी है प्रीत उनसे, अब लगन ना छूटे प्यारे।
read more >>
प्रीत लगी तुमसे राधेरानी
प्रीत लगी तुमसे राधेरानी, तुम हो कृष्ण प्यारी, प्यार की तुम मूर्ति, सब पर कृपा लुटाने वाली।
read more >>
उलझन-बहुत कुछ छूट जाता
बहुत कुछ पाया , तो बहुत कुछ छूट जाता । कुछ याद रहता , तो कुछ यादों से ही मिट जाता। क्या हो रहा , ख़ुद ही समझ नहीं आता। कभी ख्वाबों को ल
read more >>
तुम्हारी निगाह में एक तलाश देखा है
तुम्हारी निगाह में- एक तलाशा देखा है,, राज से भरा एक- गुलाब की कली देखा है....!!!! -मोती
read more >>
उम्र कैद में हैं सारे किताब
बयां खूबसूरती की, भरे पड़े हैं किताबों में,, देखा जब से हैं तुम्हें, उम्र कैद में हैं सारे किताब....!!!! -मोती
read more >>
कमा ले तू रूहानियत अपने खातिर
यूंकि- उम्दा हर चीज यहां, बेहद करीने से- बनाया है कुदरत ने मानव को! यूंकि- प्रकृति को सजाया है, उपहार में- भेंट किया है उपयोग के खातिर!!
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2329
to
2340
of
5252
results
‹
1
2
...
192
193
194
195
196
197
198
...
437
438
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder