मत दिखा मुझे ये तेरी शोहरत के पन्ने,
उन्ही पन्नो की किताब हूँ मैं,
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तू सूंघ रही है जिन महुआ के फूलो को,
उन्ही से बनी शराब हूँ मैं,
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और तुझ read more >>
क्यू रोता है ऐ-नीर, यहां पंख निकलते ही परिंदे उड़ान भरते है,
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भनक लगी है तेरी खनक की उन्हें, तभी वे दरिंदे कान भरते है,
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और ये जो रिश्तो के � read more >>
दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी ह� read more >>
तेरा नाम ही क्यों ये दिल रटता है,
क्यों ये दिल सिर्फ तुझ पे ही मरता है,
न जाने कितना नशा है तेरे इश्क में,
अब तो तेरी याद में ही ये दिन क� read more >>