Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
घमंडी पैसे वालों से रिश्ता ना रख हितैषी से रिश्ता रखना ज्यादा बेहतर होता है। (सीख) -घमंडी पैसा वाला आपको भीख दे सकता है मगर आप का हित read more >>
लोगों से उम्मीद मिले न मिले।लेकिन नसीहत जरूर मिल जाती है। read more >>
बड़ा को छोटे से सलाम नही और छोटे को बड़ों से सलाम नही।लेकिन खुदा बने दोनों की तमन्ना है। read more >>
"पसन्द किया उसने मुझे" कोशिश भी कि, मुझे कोई पहचान मिले लेकिन ,"वो हार गई " क्योकि ,उसकी ऊमीद से मेरी मेहनत कम थी ! read more >>
न जाने क्यों , उसने कहा , उस दिन "के तुम खास हो " सोच ते सोच उम्र गुजर गई ! read more >>
बड़ा मुश्किल है किसी का खास हो पाना। कहां इतना आंशा है आसान हो जाना।। ..... ललित read more >>
जिंदगी का हाल पूछे कौन, किस्सा ही अजीब रही, जिसे ढंढने चला, उसने सफर छोड़ दिया| read more >>
क्रोध, वासना, अहंकार की अग्नि को बुझाओ राम हो जिस के भीतर वहीँ रावन को जलाओ - त्रिशिका श्रीवास्तव 'धरा' कानपुर(उ.प्र.) read more >>
उनकी हर बातो का जादू ,अब तक हो रहा है कोई तो होगा वजह, जो दिल से न उतर रहा है तू ही बता ऐ जिन्दगी, क्या मोर लेगी, उनकी वफा मे दिल, अब भी मचल र� read more >>
बेशक खुदर्गज थे ! बहुत वो पर हमें खुद से ओर खुदा ज्यादा माना ! काश ! तब ये सच हमने समझा होता ! तो आज ...... read more >>
खामोश थे ,शब्द उसके छाई थी! उदासी ,सी पास बैठ थे! हम भी, पर उसे ,पता नहीं ! ये क्या कोई दर्द था , या दिल्लगी तब से हम भी, ये ही सोच रहे है! read more >>
वो चलके आई थी, हाँ ,हाँ वो चलके आई थी , पास मेरे ...पर कुछ कह ना सकी हाँ शायद , वो कुछ कह ना क्यो , के मेरी माँ मेरे साथ मे थी ! read more >>
Join Us: