Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मैं वैसा ही हूं यार जैसा तुम सोंच रहे हो क्योंकि ये ज्ञान मुझे तुम लोगों से ही सिख रखा है। read more >>
ज्यादे तो पढ़ा लिखा नही हूं जो ज्ञानी बन जाऊं लेकिन एक बात सच है जो बात किताबों से नही सीखा है वो बात लोगों ने सीखा दी है झूठ बोलना। read more >>
अब लोग सच को ही झूठ समझ रहे है तो सच क्यों बोल रहे हो।क्योंकि सच बोल के तुम इतिहास तो नही बदल सकते लेकिन खुद को जरूर बदल दोगे। read more >>
अब लोग सच को ही झूठ समझ रहे है तो सच क्यों बोल रहे हो।क्योंकि सच बोल के तुम इतिहास तो नही बदल सकते लेकिन खुद को जरूर बदल दोगे। read more >>
जीविका कभी इस धूल , धुएँ से एलर्जी थी मुझको रिज़्क़ की तलाश में सब सर-माथे लगा लिया. (रिज़्क़- जीविका ) read more >>
दो आँसू तेरे दो आंसुओं ने मुझे खरीद लिया मगर में इतना मेहंगा नहीं था read more >>
एक पल जो न देखूं तुझे दिल को शुकून न मिलता मुझे। धन्यवाद read more >>
कहां जाना था ,कहां आ चुके हैं ऐ मजबूर जिंदगी क्या - क्या दिखाएं मोहब्बत के रंग हजारों यहां कैसे पहचाने सच्चा है कोन। धन्यवाद read more >>
🌺🍁🍁🌺🍁🍁🌺 हे वो मौजूद आज भी जो कभी कल नही था। वो जो कल आज है वो कभी कल नही था। आज के इस पल में जो है वो आज है,वो कल नही था। **** **** **** **** वो � read more >>
मेरे चेहरे से मेरा स्टेटस मत देखो शाहब क्योंकि बिना कॉलिटी वाले लोग ही इतिहास लिखा है। read more >>
मेरे चेहरे से मुझे जज करने वाले लोग कल मेरी काबिलियत को देख कर उसी चेहरे को सलाम करेंगे। read more >>
क्या फर्क पड़ता है हम आज भी अधूरे है कल भी अधूरे रहेंगे,क्योंकि जिंदगी तो उसे नशीब हुई है जिसने मोहब्बत नही की है। read more >>
Join Us: