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शायरी
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शायरी
बंदे
जो खुदा के बंदे होते हैं ओ हर मुसीबत से दूर होते हैं। धन्यवाद
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दो पल प्यार का मिला,.
दो पल प्यार का मिला, पूरी जिन्दगी तन्हाई की मिली इतनी सिद्दत से किया प्यार, कोई और दिल मे उतर न सकी ✍✍💘💘👌👌💯💯💯💯
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं अकेले ही सही हूं क्योंकि भीड़ में मेरी पहचान खत्म हो जाएगी।लेकिन अकेले में मैं गुनाह भी कर लू तो मेरी शिकायत खुदा से होगी इंसानों
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
ऐलान करवानी पड़ रही है जन्नत हासिल करने के लिए।लेकिन कोई भी उसके तरफ मोतोबज्जे नही देता मगर जन्नत सभी को चाहिए।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हफ्ते में दो रिकात नमाज पढ़ कर तुम अपना फर्ज अदा नही कर रहे हो।बल्कि तुम्हारी करतूत लोगों के बीच न आए यही डर तुम्हें जुमे के दिन ही खी�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अपने नाम के कैरेक्टर को गूगल पर सर्च करने वाले लोग अपने ही कैरेक्टर को मार कर दूसरे के कैरेक्टर को ढूंढ रहे हैं।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जीवन की सतुर्तता तों यही है जो दोस्त अपने दोस्ती के खातिर अपने जान को अर्पित करें बही सच्चा दोस्त कहलाता है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जितना तुम नफरत कर रहे हो अगर उतना ही मोहब्बत ही कर लेते तो मोहब्बत न भी मिलती तो शिकायत मोहब्बत की खुद गर्ज न होती।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अकेला जरूर हूं पर किसी का मोहताज नही हूं।क्योंकि जो रास्ता दिखाते है बही लोग रास्ते पर कांटें भी बोते है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जमाना तो ऐसे ही बदनाम है तुम बदनाम क्या करोगे क्योंकि जहां स्वार्थ न हो वहां मोहब्बत नही होती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लोगों के वक्त पर काम आ जाऊं तभी तक तुम मेरे अपने हो ।लेकिन छोड़ दिया तो तुम्हारे जैसा मतलबी यार नही देखें है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
उसने मेरी मोहब्बत को खुदा समझ बैठा था। लेकिन महबूब खुदा की मोहब्बत को छोड़ दे ये मोहब्बत कैसा है।
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