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शायरी
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब को फुल टाइम छुट्टी रहता है लेकिन मिस कॉल का रिस्पॉन्स सिर्फ मोहब्बत को ही देते है लेकिन दोस्त को ही।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
पूरी दुनियां में झांकर देख लो शाहब मोहब्बत सिर्फ चेहरों से ही हो रही है,लेकिन दिल से मोहब्बत करने बाला सिर्फ माँ ही मिलेगी।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जो दोस्त मेरी बिस्तर पर बिन बुलाए आ जाते थे आज बही दोस्त को मेरी मैयत पर मिट्टी देने के लिए ऐलान कर के बोलानी पड़ रही है।
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राधे राधे
राधे राधे बोल प्यारे, बनेंगे बिगड़े काम, कृष्णा भी कृपा करेंगे, संवारेंगे उसके काज। जय श्री राधे कृष्णा
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आज बीते पल ने दस्तक दी
आज बीते पल ने दस्तक दी कि भूल तेरी थी जिसे तू अपनी समझा वो चीज कभी ना तेरी थी अनछुए एहसास को छूने की कोशिश की छु ना सका उसे कोई लेकि�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यों मोहब्बत खत्म कर के जहन्नुमी बनना चाहते हो,क्योंकि मोहब्बत के बिना जन्नत भी हासिल नहीं होती है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जो दोस्त तुम्हें पहचान ने से भी इंकार कर रहे है कल बही दोस्त तुम्हारे काबिलियत को देख कर तुम्हारे नाम से अपनी पहचान बताएंगे।।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम तो बहुत खुशी मना रहे थे अचानक तुम्हारी खुशी पर पैबंद क्यों लग गया जीना नहीं चाहते या मौत की डर सता रही है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब कोई किसी का दोस्त नही रहा क्योंकि उन्हें मेरी चाहतों से ज्यादा मेरी जरूरत से मोहब्बत हो गई है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब के मन में स्वार्थ भरा हुआ है अब मोहब्बत मिल भी जाए तो वफा कौन करेगा।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इज्जत को भी पैसे के जैसा तरबियत दो शाहब,क्योंकि इज्जत और पैसा दोनो को कमाया जाता है खरीदा नही जाता।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज जो हमे बेकार समझ रहे है कल बही लोग मेरी काबिलियत पर ताली मार कर मेरी पहचान बताएंगे।
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