मन का हर कोना पुलकित हो जाता है
जब आँगन में मेघ रिमझिम मल्हार गाता है
यूँ तो इक बरस में बारह महीने होते है
लेकिन 'धरा' को केवल सावन का मह� read more >>
में जानता हूँ की मुकम्मल इंशा भी नहीं हूँ ,
मगर हाँ वो कहती थी की में उसका खुदा हूँ.
गिरजेश
(Facebook page- learn film script writing in hindi) read more >>