"कलम"
"एक अरसे के बाद मेरी कलम ने फिर से कागजों की रेस में हिस्सा ले लिया है,और शब्दों से तुम्हें ढूँढने की कला में और भी माहिर हो गया है, इ� read more >>
जश्न-ए-जिंदगी है अगर-ए-मिली है,
मनाले तू उत्सव अगर-ए-मिली है,
ख़ुदा मेहरबान है दिया है उसी ने...
तू बेगाना है खुदी में ख़ुदा है....!!!!
-मोती read more >>
तेरा ही रूप-
देखता हूं जग में,
कण-ए-कण में-
तू है समाया जग में,
आता-जाता ना-
जन्म लेता तू अविनाशी रे....
दिल में-
रहे तू कृष्ण कन्हैया रे. read more >>
तू गुज़रे हुए लम्हों की सौग़ात है,
तू मेरी वह तस्वीर-ए-सौग़ात है,
चहकता तू महकता रहे दुनिया-ए-चमन में...
अद्विक-ए-तू सूरज सा चमकता रहे...
- read more >>
कैसे बताऊं, अपने मन की व्यथा... तूफान हो उठा दिल में, शब्दों से कैसे बयां करूं... कोई शब्द नहीं व्यथा बताने को... बस दिल करता है कोई समझ ले, सं� read more >>