लोग बरसों जुदा हो के जीते हैं,
दर्दे अश्क जुदाई का पीते हैं।
सम्मोहन की शक्ति के बल पर,
एक_दूजे से दूर रहकर भी हस्ते हैं।
एक वादा _और याद� read more >>
जब से देखा तुझे जानू,
क्या हाले दिल कहूं।
सिवा तेरे कुछ सूझता ही नहीं,
अपना नाम तो बता_
अपने घर का पत्ता तो बता।
सोख हसीना तूं ,
बेख्याल � read more >>
आंसू एक ही होते हैं, दर्द सबका अलग अलग होता है,
कोई अपने के लिए रोता है,
कोई गैरों के लिए रोता है,
किसी का कोई खो जाता है,
किसी का कोई बिछड़ read more >>