मैं उस दौर में हूँ जहां, सबके शामियाने हैं ।
हर जगह अपने लिए, सबके पास बहाने हैं ।।
एक मेरा ही घरौंदा है, जहाँ दीपक जलता है
और सभी को तो, ए� read more >>
दिल की ये चाहत ना बस में मेरी,
दिन-ए-चैन बिन गुज़रे न रैन मेरी,
बता-ए-पवन इन सांसों में ख़ुशबू कैसी...
ये दिल में बसा एहसास है कैसी।।।।
-मो� read more >>