ललित दास निर्मोही 17 Aug 2026 शायरी दुःखद #दर्द_शायरी #दर्द #दर्द_कितना_है #ललित_दास_निर्मोही #पाटसेंद्री #दर्द_वाली_शायरी 18972 1 5 Hindi :: हिंदी
दर्द कितना है वो पूछ रहे थे ठण्ड में कि,सर्द कितना है, वो पूछ रहे थे ठण्ड में कि, सर्द कितना है, ज़ख्म तो वो भर-भर के दिये हैं मुझे हर दिन, और फिर अब पूछ रहे हैं कि दर्द कितना है | हमने भी कह दिया उनसे यही बात प्यार से, कि गैरों की बातों में आकर यह हर्ज कितना है, पास आ के छूकर देख लो मेरे सीने को, फिर खुद ही जान जाओगे कि सर्द कितना है | रात भर जागकर जो याद किया है तुमको, उस एक-एक अश्क का हिसाब कितना है, जो कभी हमारा हाल न पूछते थे इक पल, आज पूछ रहे हैं कि हमारा हर्ज कितना है | हमने भी कह दिया मुस्कुराकर के सामने उनके, कि दिल जलाने वालों से यह फर्ज़ कितना है, देख लो इन आँसुओं से भीगी हुई पलकों को, और खुद ही समझ लो कि यह दर्द कितना है |
2 months ago