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Rambriksh Bahadurpuri

Rambriksh Bahadurpuri

Rambriksh Bahadurpuri

@ rambriksh
, Uttar Pradesh

I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote many poems to you

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My Articles

स्कूल की रसोइयां राह देखते हैं बच्चे जिनके आने की आस लगाए बैठे रहते भोजन बन जाने की, प्यार परोसा जाता तेरा हर थाली में फिर मिटती है � read more >>
हे! मानव हे! मानव तुमने हमको पाला पोसा पेड़ लगाया दाना खिलाया परिवार का एक अंग बनाया, हमें गर्व था हम इंसानों के बीच में हैं तुम्हे read more >>
प्यारा देश महान बा प्यारा देश महान बा हमरो प्यारा देश महान बा हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई एकरों इ पहचान बा प्यारा देश महान बा हमरो प्य� read more >>
मन करता है! मन करता है मैं बंध जाऊं तेरे प्यार के बंधन में जैसे मेरी बंधी कलाई सुंदर सुंदर कंगन में नाम का तेरे पहनूं सिंदूर काजल भी read more >>
मानवता के पथ सृजन में मानवता के पथ सृजन में अहंकार का त्याग करो प्रेम और सद्भाव वृत्ति से जीवन का श्रृंगार करो, स्वार्थ लोभ दुर्गु� read more >>
किसान कागज के इन पन्नो पर, मै अपना थकान लिखूँगा मिट्टी के हर एक कण पर,मै अपना अरमान लिखूँगा लहरातें हो खेती चाहे,हो ऊँचे पर्वत नदियाँ read more >>
स्वागत गीत स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् आप आए यहाॅं हो गये धन्य हम स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम्। मन भी हर्षित हु� read more >>
स्नेह भरा आंचल दुःख दर्द का अम्बर हो मोती झरते जिसमें आंसू का निर्झर हो, स्नेह भरा आंचल दुःख दर्द का अम्बर हो मुस्कान भी चेहरे की र� read more >>
मैं उस समाज की बेटी हूॅं जहां पैदा होने पर लोग खुश होते हैं कि- “ बनाने खिलाने वाली आ गयी ” बड़ी होने पर हाथों में चौका बेलन थमा दिया ज read more >>
ऐसा टीचर देखा है सुबह समय से देर में आना शाम समय से जल्दी जाना दो चार को लेके गप शप करना लम्बा लम्बा फेंका है ऐसा टीचर देखा है। दूर द read more >>

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