Anilkumar Rathwa (Sameer) 22 Aug 2026 गीत देश-प्रेम उठो जवानों..... 1502 0 Hindi :: हिंदी
[Intro — धीमा, गंभीर] जब सच की आवाज़ दबाई जाए, जब हक़ की राह रुकाई जाए, जब अन्याय सामने आ जाए— तो ख़ामोश रहना कैसा? उठो...! [Verse 1 — धीरे-धीरे जोश बढ़े] जिस राह में काँटे बिछे हों, उस राह से डरना कैसा? सच की खातिर कदम बढ़े हों, फिर पीछे हटना कैसा? हक़ की आवाज़ दबे नहीं, सत्य कभी भी झुके नहीं, जनता जब जाग उठती है, अन्याय की दीवार टिके नहीं! [Pre-Chorus — Build Up] एक आवाज़ से आवाज़ मिलाओ, सोए हुए ज़मीर जगाओ, डर की सारी दीवारें तोड़ो, सच का परचम आज उठाओ! [Chorus — बहुत जोशीला, Group Chorus] उठो जवानों! उठो साथियों! अब चुप रहने की रात नहीं! अन्याय के आगे झुकना नहीं, सच से बड़ी कोई बात नहीं! उठो! उठो! आवाज़ उठाओ! सच के दीप जलाओ! जहाँ कहीं अन्याय दिखाई दे, मिलकर उसके विरुद्ध आवाज़ उठाओ! [Verse 2 — Powerful] नफ़रत की आग नहीं चाहिए, हिंसा का मार्ग नहीं चाहिए, कलम उठाओ, प्रश्न उठाओ, सच बोलने का साहस चाहिए। कानून सभी के साथ रहे, न्याय सभी के पास रहे, जाति-धर्म से ऊपर उठकर, हर इंसान का सम्मान रहे। [Bridge — Music Drops, फिर धीरे-धीरे Rise] हम डरेंगे नहीं... हम झुकेंगे नहीं... सच की राह से हटेंगे नहीं! [Drums Rise] एक कदम तुम बढ़ाओ, एक कदम हम बढ़ाएँ, मिलकर ऐसी राह बनाएँ— जहाँ न्याय के दीप जलाएँ! [Final Chorus — सबसे बड़ा Climax] उठो जवानों! उठो साथियों! अब चुप रहने की रात नहीं! अन्याय के आगे झुकना नहीं, सच से बड़ी कोई बात नहीं! एकता हमारी शक्ति बने! न्याय हमारा स्वाभिमान बने! जहाँ कहीं अन्याय खड़ा हो— वहीं सत्य की पहचान बने! उठो! उठो! उठो! सच के लिए उठो! न्याय के लिए उठो! मानवता के लिए उठो! [Outro — Group Chant] सत्य! — हमारी शक्ति! न्याय! — हमारा अधिकार! एकता! — हमारी पहचान! और साहस! — हमारी आवाज़!