कांतिलाल चौधरी 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google 16056 0 Hindi :: हिंदी
फूल खिले एक बार
खिले ना बारंबार
जीवन मिले एक बार
मिले ना बारंबार
उड़ा सके जितनी गमक
फूल खिले एक बार
जीवन मिले ना बारंबार
ठौर पा सके एक बार
गमक गमक गमक उड़ाले
जीवन मिले ना बारंबार
— कांतिलाल चौधरी
(जालौर) राजस्थान