Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

ये भारत की दिवाली है

Anonymous 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #दीपावली 106445 4 4.5 Hindi :: हिंदी

अमावस को रात निराली है,
अंधेरों में उजियाली है।
जगमग जगमग दीपक से शोभित,
धरा स्वर्ग सा है अनुमोदित ।
माता लक्ष्मी की पूजन कर,
धन्य धरा ये सवाली है ।
ये भारत की दिवाली है ,
ये भारत की दिवाली है ।


सब ओर खुसी सौहार्द बट रहा,
भाईचारे का प्रतीक छंट रहा ।
आज धरा दीपक बन बैठा,
ब्रह्म बना एक थाली है ।
ये भारत की दिवाली है,
ये भारत की दिवाली है ।

Comments & Reviews

Sahity Live
Sahity Live Nice

3 years ago

Like • Reply

Shveta kaithwas
Shveta kaithwas Behad khubsurat

3 years ago

Like • Reply

ATHARV YADAV
ATHARV YADAV Best

3 years ago

Like • Reply

Sahity Live
Sahity Live

3 years ago

Like • Reply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: