Tanvi saini 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Best poem 79467 0 Hindi :: हिंदी
शहीद
आसमान भी रोया होगा , जमीन भी थर्राई होगी
जब एक जवान के शहीद होने की खबर आई होगी
घर में बैठी माँ का कलेजा थर थर काँपा होगा
नई नवेली वो उसकी पत्नी भी रोई होगी
बेटे के सिर से पिता का हाथ गया
ये बात उसकी माँ ने रो रोकर बताई होगी
सोचो तुम्हीं उस जवान ने दुश्मनों की
कितनी गोलियां अपने सीने पर खाई होगी
दिन रात सरहद पर खड़े रहकर
उसने अपनी जिंदगी दाँव पर लगाई होगी
माँ की गोद सुनी हुई होगी
पत्नी का सिंदूर भी मिटा होगा
पिता के दिल मे आह उठी होगी
पुत्र का हाथ भी छुटा होगा
बेटी का सपना भी टूटा होगा
उसके लिए पूरा देश भी रोया होगा
जो वतन के लिए शहीद होकर
भारत माँ की गोद में सोया होगा