Rambriksh Bahadurpuri 22 Sep 2026 कविताएँ समाजिक #चिता पर लाश कवि रामवृक्ष बहादुरपुरी# सामाजिक कविता #चिता पर कविता लाश पर कविता 587 0 Hindi :: हिंदी
चिता सजायी गयी लाश लिटायी गयी लाश ने चिता से पूछा- मुझे क्यों जलाती हो? क्यों राख बनाती हो? हंस कर चिता ने कही- तुम कहाँ जलती हो तुम तो अमर हो, जलता है - शरीर, ईर्ष्या द्वेष पाप पीर और मिट्टी का शरीर मिट्टी मे मिल जाता है राख बन कर।
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...