SHUBHAM PATHAK 10 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत 476 0 Hindi :: हिंदी
गहरे प्यार की कविता अब बात सिर्फ़ तेरी खूबसूरती की नहीं रही, अब बात मेरे दिल की आदत बन जाने की है। तू मिले या न मिले, फिर भी हर रोज़ मेरे साथ रहती है, जैसे साँसों में कोई खुशबू, बिना दिखाई दिए महकती है। पहले तुझे देखकर दिल धड़कता था, अब तेरे बिना धड़कन अधूरी लगती है, पहले तेरी याद अच्छी लगती थी, अब तेरी याद ही ज़िंदगी लगती है। तू सिर्फ़ एक नाम नहीं, मेरी हर दुआ का हिस्सा है, मेरे कल की उम्मीद है, मेरे आज का किस्सा है। जब दुनिया थका देती है मुझे, तेरा ख़याल सुकून बन जाता है, और जब कभी मन उदास हो, तेरा नाम मुस्कान बन जाता है। अजीब रिश्ता है हमारा, ना कोई शर्त, ना कोई हिसाब है, बस इतना जानता हूँ कि तुझसे जुड़ा मेरा हर ख़्वाब है। अगर मोहब्बत को शब्दों में लिखना आसान होता, तो किताबें कम पड़ जातीं, क्योंकि जितना तुझे चाहा है मैंने, उतनी तो शायद सदियाँ भी कम पड़ जातीं। तू मेरे लिए सिर्फ़ प्यार नहीं, मेरी सबसे खूबसूरत आदत है, जिसे छोड़ने का ख़याल भी आए, तो दिल बगावत कर देता है। रब से अब कोई बड़ी ख़्वाहिश नहीं, बस इतना करम बनाए रखना, जिस हाथ ने मेरे दिल को थामा है, उसे उम्र भर मेरे साथ बनाए रखना। ❤️✨🌹 शुभम पाठक