Abhishek kumar 18 Aug 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत दिल को छू जाने वाली कविता संग्रह 2321 0 Hindi :: हिंदी
आज सुबह की ओस जब गालो पे पड़ी तेरी चुंबन की याद दिला गयी। सरसराते बदन पे तेरे होठो का छूना मानो रेगिस्तां मे गुलशन खिला गयी। लहू से जो खत लिखके भेजा था तुझको वो बिन वादे के यू ही लौट के आ गयी ? लहू देखकर मेरा,मेरी फिक्र मे,तू घबरा गयी या खत मे लिखके कुछ मांगा था तुझसे,उसे पढ़ के शर्मा गयी। मेरा दिल बड़ा बेसब्र हो के तुझे खोज रहा की इसमे रहके इसे धड़काने वाली सांसे कहा गयी। जब जब रात को पुरा चांद देखती है मेरी आंखे चमक उठती है की आसमा मे,उड़ती हूइ,कही तू तो नही आ गयी। अभी अहले मेरा हाथ मेरी जेब मे गया मेरे बटुए मे तेरी तस्वीर,आह मुझे रुला गयी। वो पहली झलक जो तुने पलट के देखा था वो मेरी जां की मासूमियत,आखिर कहा गयी। दुआयें तो बहुत मांगी खुद के लिए खुदा से पर जब भी बैठा तू दुआ मे आ गयी। जब तू दौड़कर आ के मेरी बाहो मे लिपटी मेरी बाजुओ मे तब पूरी कायनात समा गयी। आज सुबह की ओस जब गालो पर पड़ी तेरी चुंबन की याद दिला गयी।