Abhinav chaturvedi 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक Abhinav chaturvedi 53034 0 Hindi :: हिंदी
दीवाली एक हर्सोल्लास त्योहार की परिभाषा है, दिए के लौ के साथ लाये खुशियों की वो आशा है। हर घर के कोनों के संग में, हर मन के अंधेरों के रंग में। बस एक दिये कि दरकार हो, एक दिये को इस दीवाली मन में जलाएं, ये दीवाली खास हो। मतभेद, लोभ,दोषों का अंत इस दिवाली निश्चित हो। दिये के प्रकाश से प्रकाशमय होता है मन, ये बातें भी सिद्ध हों। प्रकाशमय हो तनमन, प्रकाशमय हो सबका और हमारा घर। हमारे आचरण पर कोई आंच न आए, हमारे जीवन मे बस दिये की ऊर्जे वाली आँच हो। एक दिये को इस दिवाली मन में जलाएं, ये दीवाली ख़ास हो। हमारा घर जगमगाये, ध्यान रखना औरों का घर कहीं छूट न जाये। एक दिया जलाना, हर उन अपनो के नाम। एक दिया सपनो के नाम। एक दिया प्यार के नाम। एक दिया आश के नाम। एक दिया सहारों के लिए। एक दिया बेसहारों के लिए। अपने लिए, सबके लिए, इतने दिये जलाएंगे। एक दिन नही, हम रोज़ दिवाली मनाएंगे। यही जज़्बा, यही ताक़त, तन से-मन से हमारे साथ हो- एक दिये को इस दीवाली मन मे जलाएं, ये दीवाली ख़ास हो।