VINAY KUMAR PATEL 02 Oct 2026 कविताएँ अन्य आओ जाने अनंत के सच को 434 0 Hindi :: हिंदी
अनंत कैसे पहुंचे अनंत के पार जहां है समाधि स्थल हमार! होती है प्रकृति का अंत जहां करते हैं शुरुआत प्रभु वहां! नहीं है अंत शरीर का यह संत महात्मा का यह ग्रह! ढूंढे अंतरिक्ष में अनमोल सितारे जिससे है टिके अंतरिक्ष के तारे! कैसे त्यागे देह का अभिमान होती है यह मिट्टी के समान! चेतना से पाएं अनंत चेतना के गुण बनाएं प्रभु को विश्व में सगुण! विनय पटेल "कठिन"