Alok ks 20 Aug 2025 कविताएँ हास्य-व्यंग Holi, फागुन, होली, कविता, poet poetry love romance 28364 1 5 Hindi :: हिंदी
देखो कितनी अच्छी सनसनी हवा है जो चढ़ा ये फगुनाहट की महीना है खिली है खेत खलियान सारे की पतझड़ बाद हरियाली पेड़ो पे छाई है चिहक रही है चारों तरफ चिड़ियां की सारे महफ़िल फूलों से महका है सताएं जा रहा है ग़म ये मुहब्बत हमे बिछड़े यारों से वो पीपल की छांव है देखो कितनी अच्छी सनसनी हवा है जो चढ़ा ये फगुनाहट की महीना है -आलोक के.ऐस