Karuna bharti 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google 111486 0 Hindi :: हिंदी
हर बार ये दिल तुझसे हार जाता है, समझाऊ कितना भी न ये समझना जनता है तेरी जो लगी लग गई है, ना ये तुझे भूलना चाहता है बेकरारी दिल की बढ़ जाती है, जो तुझे न करीब पाता है सुकू की चाहत है बस तुझसे ही, तुझसे ही ये दिल मोहाब्बत चाहता है दूरी अब हमे गवारा नही है, दिल हमेशा तझे करीब चाहता है बेबसी भरी है हर पल तेरे बगेर, तेरे ही साथ अब, कदम- से- कदम मिलाकर चलना चाहता है👌👌👌👌💓💓💓💓✍✍✍✍💯💯💯💞💞💞💞💞