Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

*क्या है हम सच मै विश्वगुरु This post in Under Review

Tanay Tripathi 25 Oct 2026 कविताएँ समाजिक #क्या #हम #सच 39 0 Hindi :: हिंदी

*क्या है हम सच मै विश्वगुरु*

रह जाते हैं युवा बेरोज़गार यहाँ,
हो जाती हैं परीक्षाएँ रद्द यहाँ।

इन भ्रष्टाचार के कर्ता-धर्ता,
होते हैं हमारे शासनकर्ता।

जिस देश की सड़कों पर बेटी निडर चल न पाए,
उस देश को विकसित कहने में समय अभी लग जाए।

जाति-धर्म के झगड़ों में हम उलझ चुके हैं,
सच कहें तो विकास की राह से हम भटक चुके हैं।

अमीरों के ख़ज़ाने भरते जाते हैं हर साल,
और किसान पूछता है—कब बदलेगा मेरा हाल?

जहाँ गरीब को नसीब नहीं है दो वक्त का खाना,
फिर भी नेताओं का मकसद है सिर्फ़ वोट पाना।

खोखली है क़ानून व्यवस्था वहाँ,
घूम रहे गुनहगार खुलेआम जहाँ।

इन सवालों से कब तक नज़रें चुराएँगे हम,
बदलाव की राह पर आखिर कब कदम बढ़ाएँगे हम। 🇮🇳✍️

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: