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ओ राजधानी के राजहंस

Krishan kumar 18 Aug 2026 कविताएँ राजनितिक राजधानी के राजहंस। कवि कृष्ण कुमार के द्वारा लिखी गई सबसे बेहतरीन राजनैतिक कविता। 2303 0 Hindi :: हिंदी

ओ राजधानी के राजहंस,
दिल्ली की क्या खबर बता।।
राजनीति की गलियारों से,
संसद तक की है हलचल क्या?
कुर्सी पर जो बैठे उनमें,
सच्चे राष्ट्रवादी की गिनती बता?
बीते दौर की बातों को छोड़,
वर्तमान के हालत बता?
ओ राजधानी के राजहंस,
दिल्ली की क्या खबर बता।।
जिनको चुन कर भेजा है हमने,
उनको भी हमारी फिक्र है क्या?
जो बस राजनीति की रोटी सेंकते,
उनके भी तू नाम बता।
जो बैठे है संसद में,
जनता की बात करते हैं क्या?
राष्ट्रहित में किए जो काम,
मुझको उनकी बात बता।
ओ राजधानी के राजहंस,
दिल्ली की क्या खबर बता।।
हमारे जो नेता हैं, 
उनको कुर्सी से मोह कितना?
वास्तव में जनता के आगे है कुर्सी,
या अब भी कुर्सी के आगे है जनता ?
मंत्री से ले कर अफसर तक,
सबकी हमें कुंडली दिखा।
ओ राजधानी के राजहंस,
दिल्ली की क्या खबर बता।।2।।í

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