Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

प्रभु की महिमा

VINAY KUMAR PATEL 04 Oct 2026 कविताएँ धार्मिक प्रभु की महिमा 1627 0 Hindi :: हिंदी

प्रभु की महिमा 

करता हूं उस प्रभु को नमस्कार 
टिका हुआ है जिस पर संसार!

अकल्पनीय है स्वरूप उसका खास 
क्यों माने उसे मानव के रूप में आज!

होते है जीवो के अनंत प्रकार 
देता है परमात्मा अपना आकार!

छिपी है प्राणियों में प्राणों की शक्ति
दिखाती है जो भवसागर से मुक्ति!

व्यर्थ न गवाएं समय अपना 
दिखाएं पंछी को घर अपना! 

सोचे समझे और करें विश्वास
जगाएं जीवों के अंदर प्रभु की आस !

विनय पटेल "कठिन"

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: