VINAY KUMAR PATEL 04 Oct 2026 कविताएँ धार्मिक प्रभु की महिमा 1627 0 Hindi :: हिंदी
प्रभु की महिमा करता हूं उस प्रभु को नमस्कार टिका हुआ है जिस पर संसार! अकल्पनीय है स्वरूप उसका खास क्यों माने उसे मानव के रूप में आज! होते है जीवो के अनंत प्रकार देता है परमात्मा अपना आकार! छिपी है प्राणियों में प्राणों की शक्ति दिखाती है जो भवसागर से मुक्ति! व्यर्थ न गवाएं समय अपना दिखाएं पंछी को घर अपना! सोचे समझे और करें विश्वास जगाएं जीवों के अंदर प्रभु की आस ! विनय पटेल "कठिन"