VINAY KUMAR PATEL 02 Oct 2026 कविताएँ धार्मिक 2026 0 Hindi :: हिंदी
प्रभु-मिलन करते हैं दर्शन कण-कण में मिलते हैं प्रभु क्षण - क्षण में! करते हैं जीवन में उनका ध्यान करते हैं पूरा जो अधूरा ज्ञान! होती है परिभाषा प्रभु की अनेक जिनमें से है कुछ शांति दया विवेक! होती है प्रभु मिलन की व्याकुलता देखते हैं तब अनेकता में एकता! उठता है पर्दा प्रभु के रहस्य का होता है क्या देह की चेतना का! नहीं है कुछ मृत्यु के उपरांत होता है यह प्रकृति का सीमांत! विनय पटेल ”कठिन"