संदीप कुमार सिंह 01 Oct 2026 कविताएँ समाजिक माँ बाप की सेवा ही मोक्ष है. 2957 0 Hindi :: हिंदी
पितर पक्ष में श्राद्ध कर,और करें कुछ दान। मिले शांति तब पितर को,तभी बढ़ेगी आन।। पितरों का सम्मान कर,पितर पक्ष में यार। श्राद्ध कर्म से दे दुआ,तभी बढ़े परिवार।। पितरों का सम्मान कर,पूरी होगी चाह। मानें सभी विधान को,सुगम लगे हर राह।। पितरों का सम्मान कर,रहें सदा खुशहाल। कौओं में भी पितर बसे,अदभुत भव्य कमाल।। भोजन दे अब काग को,पितर पक्ष में यार। बसे पितर भी काग में,इनको भी स्वीकार।। पितरों का सम्मान कर,इनका रखिए मान। भोजन दे जो गाय को,उनका बढ़ता शान।। पितरों का सम्मान कर,जीवन हो गुलजार। कुत्तों को आहार दें,मिले सभी अधिकार।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....