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समय मिला तो कह देना-बिखरी यादें तह देना

Sudha Chaudhary 26 Sep 2023 कविताएँ अन्य 11916 0 Hindi :: हिंदी

समय मिला तो कह देना
बिखरी यादें तह देना।

मैं छोटा-मोटा रोग नहीं
भीतर पड़ता कोई योग नहीं
मुस्कानों में उलझन हो
कुछ कह दूं उतने पल देना।

कई तरंगें हैं मन में
कुछ जागी कुछ सोई सी
उन्माद भरा ये तन मेरा
रुकता ही नहीं बस स़य देना।


मैं रुक कर तुम्हें निहारूंगी
तुम खो कर मुझे पुकारोगे
अधरों की जो परिभाषा है
जब जी चाहे तब सिल देना।

सुधा चौधरी
बस्ती

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