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सवाल पूछेंगे

Abhinav chaturvedi 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक Abhinav chaturvedi 50305 0 Hindi :: हिंदी

अगर मुस्कुरा भर दूं, अगर गुनगुना भर दूं, 
लोग सवालें चार पूछेंगे,
"बात क्या है"? ये दिन-रात पूछेंगे।

मैं अगर लिख देता हूँ,
बातें कई हसरतों पर,
अगर रवानी मसलों पर।
खोज कर किसी क़िताब में,
गुलाब के पत्तों की तरह।
पता नही वो और क्या-क्या बूझेंगे-
"बात क्या है"? ये दिन-रात पूछेंगे।

कहीं सही से, यादों में अगर सांस भर लूं तो,
चलते राहों पर, किसी को अदब से आदाब कर लूं तो।
"अभिनव"औरों जितना मशरूफ़ नही है-
इस दिये को हवा में जलता देख,
पता नही वो खुद कितनी बार बूझेंगे।
"बात क्या है"?ये दिन-रात पूछेंगे।

मुझपर सवाल उठाने के लिए,
पता नही और पीछे कितनी बार मुड़ेंगे।
"बात क्या है"? ये दिन-रात पूछेंगे।

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