VINAY KUMAR PATEL 02 Oct 2026 कविताएँ धार्मिक विश्व की विशालता 3207 0 Hindi :: हिंदी
विशालता अंतहीन अंतरिक्ष में आज करें जीवन में कुछ विशाल! करें प्रज्वलित ज्ञान की मशाल दिखाती है जो मोक्ष का मार्ग! होते हैं प्रगट प्रभु कण से करते हैं दर्शन सच्चे हृदय से! अंतहीन ब्रह्मांड के इस कण में रहते हैं प्रभु साधु संत के हृदय में! जगाएं अपने प्रभु को आज बनाते हैं जो आपको खास!! शरीर तो है बस एक पिंजरा तोड़कर उड़ जाएगा पंछी पिंजरा!! विनय पटेल "कठिन"