Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

स्वागतम

Meenubaliyan 30 Mar 2023 कविताएँ हास्य-व्यंग मेहमान का आदर 56112 0 Hindi :: हिंदी

मस्ती सी छा जाती है
ज़ब दरवाजे पर घंटी बज जाती है,
आते है मेहमान सभी ज़ब
हम खुशी मे झूम गीत गाते है,
पानी देने के बहाने उनसे केले छीन ले जाते
आज मिलेंगे चाय समोसा मुँह से लार टपकाते,
खालो बेटा लेलो बेटा हम मम्मी को देख घबराते,
फिर चुपके से खा पीकर हम आज्ञाकारी बन जाते,
मम्मी हस्ती हम मंद मंद मुस्काते
मन ही मन भगवान से कहते
ऐसे मेहमान रोज क्यों नहीं आते,
और ख़ुशी से उछल पड़ते ज़ब जाते वक्त
वो दस का नोट दे जाते,
हाय राम ऐसे मेहमान रोज क्यों नहीं आते..

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: