Krishan kumar 18 Aug 2026 कविताएँ बाल-साहित्य 2978 0 Hindi :: हिंदी
उम्र अभी बांकी है बहुत जीवन में हादसे तमाम होंगे जितनी सीढ़ियां हम चढ़ेंगे उतना लोग नीचे खींचने को तैयार होंगे बड़ी खूबसूरत है ये जिंदगी हादसे इसके अलंकार है खूबसूरती बनती है चुनौतियां मुश्किलों का सामना कर के बनते फ़ौलाद हैं जिंदगी हादसे का दूसरा नाम है। न मेरी मर्जी से आया जीवन मेरा न मर्ज़ी से जीवन जाएगा बस जब तक चल रही है सासें दिल में एक तूफान है कुछ करने का सैलाब है उसी सैलाब में डूब जाना है कुछ कर के ही दिखलाना है खुद जाए भले जग से हंसते हंसते अपनी मौत पर दुनिया को रुलाना है।